How will people remember Imran Khan in April 2024?
Introduction
बिस्मिल्लाह रहमान रहीम नाजरीन बहुत शुक्रिया आपने वक्त निकाला ये वीडियो देखने के लिए मेरे साथ मौजूद है मोहम्मद उसामा अली उसामा भाई ने आज एक बड़ी अजीबो गरीब पेश कोई की है आज उन्होंने दो बड़ी अहम बातें की हैं एक बात है इमरान खान के हवाले से और दूसरी बात है इलेक्शन के हवाले से इमरान खान कब इक्त में आ रहे हैं इसका टाइम फ्रेम उसामा भाई ने बता दिया है वो इनसे मैं पूछने लगा हूं आप इनको बड़ी अच्छी तरह से जानते हैं एस्ट्रोलॉजर है बिजनेस कंसल्टेंट है रिलीजियस स्कॉलर है नाजरीन आज बड़ी अहम पेश कोइयो का दिन है बड़ी अहम पेश कोइया आप आज यह वीडियो देख
लेंगे आपको आने वाला मंजर नामा बिल्कुल लाउड एंड क्लियर नजर आएगा पूछते हैं उसामा भाई से बहुत शुक्रिया भाईजान
आपका शुक्रिया भाईजान पहले तो यह बताए आप इमरान खान का तो मैंने पूछना ही है जो आप टाइम फ्रेम दे रहे हैं उसके बारे में लेकिन आप कह रहे हैं इलेक्शन नहीं हो रहेबिस्मिल्लाह रहमानरहीम अल्लाहु सल्ले अला महम्मद
वाला आले मोहम्मद देखि इलेक्शन जो है चांसेस ऐसे हैं कि अभी यह जो जनवरी की हम बार-बार लोगों को ट्रेनिंग दे रहे हैं या समझा रहे हैं या अनरेस्ट या इस तरह की जो यूरेनस और मार्स की पोजीशन की जो तब्दीली है वो ऐसा लगता है कि कुछ ऐसा
जनवरी में पॉसिबल है जिसकी वजह से इलेक्शन ना हो आपकी मौलाना फजलु रहमान से मुलाकात तो नहीं हुई नहीं मेरी तो उनकी तो वो तो अब क्या वो तो आपको याद है जिस दिन यह इलेक्शन अनाउंस हुए थे उस दिन भी कह रहे थे कि हमारे सर्दी होगी मौसम नहीं होंगे रास्ते नहीं होंगे उनका क्या है जिसकी तैयारी ना हो वो तो कहता कभी पेपर हो ही ना हां ऐसे ही ठीक है और मुझे तो ऐसे पीडीएम बन जाया करे और मैं उसका सरब बन जाया करू बगैर इलेक्शन जीते मतलब शर्म नहीं आती पॉलिटिकल सिस्टम को ये दूसरी कुतों को तो कहते हैं कि वो जम्हूर अकदर की इज्जत नहीं करती इधर जम्हूर अदार क्या
कहती हैं एक बंदा अपने ही हल्के का एमएन नहीं बन सका आपने 16 जमां का उसको सदर बना के उसको पाग पहना के बिठा दिया व्ट्स गोइंग ऑन एक्चुअली कि यार अपना हल्के का तो कम से कम होना चाहिए ना उसको विन कम से कम अपनी आवाम तो उसकी जाती जो उसके करीब तरीन है वो तो उसको सेलेक्ट करके मुंत करके भेजे फिर आप लोग भी मुंत कर ले उसको लेकिन ये तो खुद जमरी इदार की ध सुबह शाम बिखेरते हैं और फिर कहते हैं हमारी जम्हूरियत की इज्जत नहीं हुई समझन इनका क्लेम है तो इसी तरीके से मैंने तो आपको बताऊं कि पिछले कोई एक डेढ़ माह से जितने कोई दोस्त एमएन एमपीए
पूछते या कोई भी अपनी उसका या प्रोग्राम में भी एक ही कह रहा था कि 20 जनवरी तक पैसे वैसे ना लगाए अगर कोई टिकट पैसों से मिलती है तो बिल्कुल ना ले ठीक है 20 जनवरी के बाद 18 दिन हो गए अगर फिर भी लगे कि होते लग रहे हैं तो फिर खर्चे वर्चे कर ले अा बकुल ठीक है दूसरी बात ये है कि जो इलेक्शन की कोई जैसे कहते हैं ना कि ये ऐसी बस एक्टिंग हो रही है और हमारे जो बड़े-बड़े जैसे कहते हैं ना के साहिबे निशि लोग जो है वो अजीब बच्चों जैसी करते हैं एक्टिंग और वो जाहिरी बात है कि आपको पता है कि नाम लो कंटेम लग जाए क्या जरूरत है सी के दिन नहीं नहीं
How will people remember Imran Khan in April 2024?
बिल्कुल नहीं बिल्कुल नहीं बस उसमें वो भी ऐसे ही लगता है कि एक जैसे कहते हैं ना कि इतने कोई कद्दावर नहीं है और आप लोग देखेंगे कि उनसे इतनी उमीद अच्छी ना लगाए जो बड़ी लेक्शन कैसे नहीं होगा काइंड ऑफ जो है देखें हम तो एक एस्ट्रोलॉजर को क्या उसने तो बातें ही हवा में करनी होती है तुके मारने होते हैं आम नाजरीन के लिए और उसने हवा में बातें करती और मुस्तकबिल की बातें होनी होती है बातें मुस्तकबिल की होनी होती है लग गई लग गई ना लगी ना लगी तो बस फिर हमें तो माफी दें तो उसके तहत जो है इलेक्शन होता नहीं लगता अच्छा उसमें यह भी
पॉसिबिलिटी लगती है कि आपका लाडला भी रोने लगे ऐसे लगता है जो मौजूदा लाडला है हां मौजूदा लाडला जो है रोने लगे और नाराज हो जाए और जैसे वो कहते हैं ना जैसे भरी भरी गले हैं वो ऐसी बना के नजर आए आपको हम और वैसे उसका यर बहुत अच्छा है लेकिन मेंटली मिस्टेक्स करने के चांसेस थे ठीक है दूसरी जो पुराना लाडला जो जेल में है हम उसकी पॉसिबिलिटी है कि यह नारा लग जाए जैसे वो जमात इस्लामी का वो नारा है ना कि हल सिर्फ जमात इस्लामी हम हल सिर्फ इमरान खान 204 अप्रैल के बाद हवाओं में यह शोर हो जाए हल सिर्फ इमरान खान अप्रैल 2024 और ये
कौन कहेगा हम ये कौन मान कहेगा नहीं कौन मान जाएगा जो अभी नहीं मान रहे अच्छा जो अभी नहीं मान अच्छा अप्रैल 2024 अप्रैल 2024 के अपवर्ड ऑनवर्ड आपको यह नजर आएगा कि हम पॉसिबिलिटी है हम देखिए जिंदगी मौत की लोग बातें करने लगे जिंदगी मौत अल्लाह के हाथ में है हम हम उस तरफ जाते भी नहीं है हम ठीक है जिंदा रहना किसी भी प्रेडिक्शन के लिए शर्त है मेरा भी आपका भी हां ऐसे ही है इमरान खान का भी ऐसे ही है अब जो यह सारी सारी सिचुएशन है इसमें पता नहीं कौन रहता है कौन नहीं रहता यह जो तीन माह है ठीक है ये जो अप्रैल तक के तीन माह कौन रहे ना रहे हम रहे ना रहे
हां ऐ है तो बात ये है कि अप्रैल 2024 के बाद कम से कम यह जगह बनती है आप को जरूर नजर आएगी यह बात कहीं ना कहीं उन मुंह से आप लोग सुनेंगे जो अभी नाम लेना भी पसंद नहीं करते जो भी एक बर्दाश्त ही नहीं करते कि नाम भी लिया जाए पॉसिबिलिटी है कि अप्रैल 2024 तक वो भी कहे कि चलो ठीक है हल सिर्फ इमरान खान भाई जान हल सिर्फ इमरान खान लिख मैं लिख लिया हल सिर्फ इमरान खान ये बात अप्रैल 2024 के बाद आप आपको अच्छा एक दो चीजें याद रखा करें जो मुझे लगता है कि आप लोग ना नाजरीन भी आपके तारीखों को उनको बड़ा ही समझ रहे होते हैं भाई जुमले मुंह के बता देने ना
बड़ी बात होती है बल्कि आपके नाजरीन से भी रिक्वेस्ट है जैसे एक वीडियो में हमने ट्रंप के मुंह के जुमले बताए हैं ना ये अमेरिकन जब वो अपनी कैंपेन शुरू करें तो आपके प्रोग्राम में जरूर मेंशन करें मैं स सेम यह बात आपको यह जुमला है मुस्तकबिल का यह टाइम जो है इमरान खान इक्त में 2024 में मुझे नजर नहीं आता अच्छा ठीक है लेकिन हल वही है हल वही है और ये रिलाइजेशन का प्रोसीजर शुरू हो जाएगा हम ये समझ आनी शुरू हो जाएगी हम ये रिलाइजेशन आप अपकमिंग टाइम में बढ़ती जाएगी हम और फिर उसके बाद आप देखेंगे कि इंसाफ होगा जो डिजर्व करेगा जो डि आप वसे दुनिया
से अनोखी पेश गई कर रहे हैं मैं आपको एक बात बता रहा हूं हां हां तो बड़े एस्ट्रोलॉजर को सुन रहा हूं वो टोटल अपोजिट है आपकी इस बात के देखि वो इमरान खान को खत्म शुद्ध कह रहे हैं इमरान खान आप चले आज खत्म शुद्ध प बता दूं जिस दिन इमरान खान फौत हुआ कायदे आजम जितना स्टेटस लेगा इससे पहले कायद आजम को सिर्फ वो स्टेटस मिला है मरने के बाद अमर होने का पाकिस्तान में उसके बाद बाद सिर्फ इमरान खान को मिलेगा और इमरान खान मरने के बाद चले यह भी लिखें ख इमरान खान मरने के बाद जिंदा होने से भी ज्यादा पॉपुलर होगा ठीक है अब बताए हम जिस दिन मरा हम ठीक है
जी उस दिन इससे भी ज्यादा पॉपुलर होगा अच्छा उस दिन इसने असल पॉपुलर तो खान साहब के जैसे कहते हैं ना दारे फानी से जाने के बाद होनी है समझ रहे हैं अच्छा हां जी जैसे कायदे आजम की जाने के बाद हुई य मैंने लिख लिया हा जी ये लिख ले यह तो बिल्कुल लिखले ठीक है इमरान खान आज के फिगर्स आज की स्टेटस आज की बातें आज की उनको नोट कर ले इमरान खान आखिर तो देखें आप हम सब नहीं इस आप लोग ऐसे कहने लग जाए कि जी मरने की बातें वो मेरी मुझे याद है खाला थी तो वो जब जंगो की बात होनी खाला जंग होने लगी है तो वो डरने लगती थी क बस तुम तो जो है ना मरने
की बातें ना किया करो तो वही बात है कि कई अब खवातीन या व्यूवर्स भी होंगे मरने की बातें ना करो इमोशनल है खान साहब को लेके टची है लेकिन खान साहब जिंदगी में उस फेम को जितना भी लेवल समझ ले आप लोग मरने के बाद उससे ज्यादा मशहूर होंगे इतना सा ज्यादा हो इतना सा ज्यादा हो ज्यादा जरूर होंगे ठीक है अब जितनी भी फेम समझ रहे हैं कोई भी उससे इतनी सी ज्यादा जरूर होगी जाने के बाद ये उनके बर्थ चार्ट में चीख चीख के है ब चार्ट में उनके चीख चीख कि है कि इमरान खान ने दुनिया से जाने के बाद ज्यादा मशहूर होना अमर होना जिंदगी हां बस अमर हो जाएगा मुर्शद है ना फिर उ उन्हे भी
मुर्शद कह रहे हैं तो अब मुझे बताए कि मैं क्या करूं डेड कैसे करूं जो आप कह रहे हैं जी कुछ और अच्छा दूसरी बात मैं वाहिद बंदा हूं जो इमरान खान को वजीर आजम नहीं देख रहा 2024 में ठीक है ठीक है क्योंकि वो ऐसी ट्रिकी सिचुएशन है उनके रिजल्ट्स पर डिपेंड कर रहा है कि क्या होता है मिसाल के तौर पर पहले तो इमरान खान के वजीर आजम शिप के लिए जरूरी है कि इलेक्शन ही ना हो अभी ये फरवरी में फिर ये कहीं इलेक्शन हो जाके अप्रैल के बाद अप्रैल 2024 के बाद फिर यह खान साहब को फायदा देता है ठीक फरवरी वाला इलेक्शन फायदा नहीं देता नहीं अच्छा उसके बाद यह आगे जाता है और फिर कुछ
ऐसा यह तीन माह में है जो हो सकता है एक लंबा हमें इंतजार करना पड़ जाए इलेक्शन का बकुल सही है और ये जो हमारे नकली ड्राइवर्स है ये देखे असली हरकतें कर रहे हैं इनको ये भी इनका भी अच्छा टाइम है दो बंदों का हम काकड़ साहब का हम और साथ ही जो वो है क्या नाम है इनका जीलानी असद अब्बास जीलानी ये जो वजीर खर्जा है वजीर खजा जी जीलानी सा इन दोनों की बड़ी अच्छा मतलब वो है टाइम है और अच्छे ब्रेन है लेकिन ये दो पता नहीं वजीर आजम शिप प चार दिन की नकली नकली जो मिल गई है आप एक केयर टेकर है मतलब आप कोई वो क्या कहते इलेक्टेड नहीं है काइंड
ऑफ इस्ते काक नहीं है तो टू स्टेट इसराइल की थ्योरी का पता ही नहीं अंग्रेजी मा झाड़ देने से थोड़ी लम्स के सामने जाके बैठ जाने से थोड़ी होता
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